‘पहाड़ की महिला हो, पेड़ों पर ही उतरती-चढ़ती रहो, धरना-प्रदर्शन करती रहो’

देहरादून।… मुख्यमंत्री हरीश रावत से बात करने पहुंचे आंदोलनकारियों ने उन पर घर बुलाकर दुत्कारने का आरोप लगाया है. आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर जमकर हंगामा किया. इसके बाद आंदोलनकारी शहीद स्मारक पहुंचे तो पुलिस ने पेड़ को घेर लिया. आंदोलनकारियों का कहना है कि वे विधासभा सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव करेंगे.

समान पेंशन और 10 फीसदh आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलनकारियों का शहीद स्मारक पर क्रमिक अनशन चल रहा था. मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक से निराशा हाथ लगने पर बुधवार दोपहर पौड़ी नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष भूमा रावत, कांग्रेस नेता सावित्री नेगी और भुवनेश्वरी नेगी शहीद स्मारक परिसर स्थित पेड़ पर चढ़ गईं. मुख्यमंत्री के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र अग्रवाल के मुख्यमंत्री से बात कराने के आश्वासन पर करीब 33 घंटे बाद गुरुवार को रात नौ बजे महिलाओं पेड़ से उतारा.

शुक्रवार दोपहर करीब 11 बजे आंदोलनकारी लक्ष्मण सिंह भंडारी, बीरा भंडारी, सावित्री नेगी, यशोदा रावत, रेखा भंडारी, सोबत सिंह चौहान मुख्यमंत्री आवास पहुंचे. लेकिन, बताया गया कि मुख्यमंत्री टिहरी में वसंत मेले के उद्घाटन में जा रहे हैं. इस पर आंदोलनकारी निराश हो गए.

cmमुख्यमंत्री आवास से बाहर निकले तो आंदोलनकारियों ने अपनी बात उनके सामने रखी. आंदोलनकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पहाड़ की महिला हो, पेड़ों पर ही उतरती-चढ़ती रहो और धरना-प्रदर्शन करती रहो.’ इसके बाद वह गाड़ी में बैठ आगे बढ़ गए.

इससे आंदोलनकारियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सीएम आवास के बाहर जमकर हंगामा किया. इसके बाद आंदोलनकारी शहीद स्मारक लौट आए. आंदोलनकारियों के आक्रोशित होने की खबर से शहीद स्मारक में पुलिस बल तैनात कर दिया गया और पुलिसकर्मियों ने पेड़ को घेर लिया.

cm-1प्रतिनिधिमंडल ने सभी आंदोलनकारियों को सीएम के रवैये के बारे में बताया तो आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. फिर उन्होंने एक बैठक की और निर्णय लिया कि विधानसभा सत्र से तीन दिन पहले ही प्रदेशभर से आंदोलनकारी देहरादून पहुंच जाएंगे और सत्र के पहले दिन विधानसभा का घेराव किया जाएगा.