मांझी के बाद अब पटना हाईकोर्ट ने भी नीतीश के चुनाव को अवैध करार दिया

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू नेता नीतीश कुमार को भले ही पार्टी के ज्यादातर विधायकों ने विधायक दल का नेता चुन लिया हो, लेकिन मांझी बार-बार उनके चुनाव को अवैध बता रहे हैं. नीतीश कुमार के लिए बुरी खबर ये है कि अब पटना हाईकोर्ट ने भी उनके इस तरह से विधायक दल का नेता चुने जाने को अवैध करार दिया है. लेकिन नीतीश हैं कि मानते नहीं, वो तो राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के सामने विधायकों को परेड कराने के लिए दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं.

पटना हाईकोर्ट ने बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के समर्थक की याचिका पर आदेश देते हुए कहा कि जीतन राम मांझी की जगह नीतीश कुमार को जनता दल यूनाइटेड विधानमंडल का नेता चुना जाना अवैध है. जेडीयू के विधानमंडल के चुने गए नेता के तौर पर नीतीश कुमार को ऐसे वक्त पर झटका लगा है. जब वह 130 विधायकों की परेड कराने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के दरबार में दिल्‍ली पहुंचे हैं.

नीतीश कुमार, जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव, आरजेडी प्रमुख लालू यादव और सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के साथ राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात करने वाले हैं. नीतीश कुमार अपने 130 समर्थक विधायकों के साथ मंगलवार देर रात हवाई जहाज से दिल्‍ली पहुंच चुके हैं. उधर नीतीश ने अब एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का पद छोड़ना एक भूल थी.

वहीं बीजेपी के प्रवक्ता नलिन कोहली ने कहा कि जेडीयू में जो कुछ हो रहा है वह उनका आंतरिक मामला है. राष्ट्रपति के पास इस मामले को ले जाने का कोई औचित्य नहीं है. एलजेपी के सांसद चिराग पासवान ने कहा कि नीतीश कुमार डरे हुए हैं कि कही उनके विधायक पार्टी छोड़कर न चले जाएं. इसलिए वे उन्हें अपने साथ लेकर दिल्‍ली पहुंचे हैं.

बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के समर्थक और बिहार के पूर्व मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि हम आसानी से अपना बहुमत साबित कर देंगे. गौरतलब है कि मांझी ने राज्यपाल से मिलकर बहुमत साबित करने की बात कही है, इस‍के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी सहित कई बीजेपी नेताओं से मुलाकात की है. हालांकि बीजेपी ने उन्हें समर्थन देने से साफ मना कर दिया है.