मुनस्यारी में कूड़े के ढेर करते हैं स्वागत, क्या यही है अतिथ‍ि देवो भव:

पिथौरागढ़।… आम तौर पर आप कहीं भी जाते हैं तो वहां अच्छे से स्वागत किया जाता है. हमारी भारतीय संस्कृति में तो अतिथ‍ि को देवता समान माना गया है. और देवता का स्वागत कूड़े से तो किया नहीं जाता. लेकिन मुनस्यारी में गंदगी पर्यटकों का स्वागत करती है.

लोगों को उम्मीद थी कि मुनस्यारी में नगर पंचायत का गठन होने से कम से कम नगर की सफाई व्यवस्था में सुधार आएगा. लेकिन मुनस्यारी को नगर पंचायत बनाने में भी पेच है. कुमाऊं क्षेत्र के इस सीमांत पर्यटन स्थल में सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है. पूरे नगर में सिर्फ एक शौचालय और एक मूत्रालय है. कूड़े के ढेर भी शहर भर में हर जगह दिखाई देते हैं. व्यापारियों ने सफाई के लिए एक कर्मचारी की तैनाती खुद के खर्चे पर की है. इसके लिए हर व्यापारी से हर महीने 50 रुपये लिए जाते हैं.

होली के बाद गर्मी बढ़ने के साथ ही मुनस्यारी में पर्यटकों की आवाजाही होने लगती है. हर साल बड़ी संख्या में बंगाली पर्यटक, विदेशी पर्यटक और ट्रैकर यहां आते हैं. मार्च के महीने से ही रोजी-रोटी के लिए दूसरे शहरों व राज्यों में गए लोग भी गांव वापस आने लगते हैं. लेकिन सफाई की व्यवस्था न होने से स्थानीय लोगों के अलावा पर्यटक भी परेशान रहते हैं. व्यापारियों ने कई बार सफाई व्यवस्था ठीक करने के लिए आवाज उठाई, लेकिन समाधान कुछ नहीं हुआ.

व्यापार संघ अध्यक्ष विनोद पांगती और महामंत्री प्रमोद द्विवेदी का कहना है कि नगर पंचायत का गठन हुए बगैर सफाई व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है. नगर पंचायत का गठन हो जाने पर कम से कम चार-पांच सफाई कर्मचारी तो मिल जाते. मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत गठन की घोषणा तो की है, लेकिन नगर पंचायत में शामिल होने वाले गांवों के विरोध के चलते इस पर फैसला नहीं हो पाया है.