स्यालदे-बिखोती मेला स्थल से हटाया गया अवैध निर्माण

ऐतिहासिक स्याल्दे बिखोती मेला मैदान पर आख‍िरकार भारी पुलिसबल की मौजूदगी में अवैध निर्माण ढहा दिया गया. प्रशासन व पुलिस की संयुक्त टीम व संयुक्त संघर्ष मोर्चा की मौजूदगी में करीब चार घंटे में जेसीबी ने अपना काम किया.

पक्का अतिक्रमण गिराए जाने के बाद विरासत स्थल में जमा मलबे व निर्माण सामग्री के स्टॉक को भी जब्त कर लिया गया है. पौराणिक मेला स्थल को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए पहला चरण पूरा होने के बाद अब अन्य अवैध निर्माण ढहाने के मकसद से हाईकोर्ट में ठोस पैरवी की तैयारी शुरू हो गई है.

पौराणिक स्याल्दे मेला मैदान का एक छोर मंगलवार को अतिक्रमण मुक्त करा दिया गया है. एसडीएम एपी वाजपेयी के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम सशस्त्र फोर्स के साथ मौके पर पहुंची. दोपहर करीब 12 बजे एसडीएम के निर्देश पर जेसीबी ने अपना काम शुरू किया. बगैर किसी विरोध के मेला स्थल से सटाकर किए गए अवैध निर्माण को घंटे भर के भीतर धरासायी कर दिया गया.

इसके बाद टीम ने मैदान पर पड़े मलबे तथा निर्माण सामग्री के स्टॉक को भी जब्त कर लिया. प्रशासन ने अब हाईकोर्ट में विचाराधीन एक अन्य अतिक्रमण संबंधी मामले में ठोस पैरवी की तैयारी भी कर ली है, ताकि दूसरे छोर पर खड़े किए गए पक्के अवैध निर्माण को ढहाने में कोई रोड़ा न लगे. इस मौके पर पंचायत व पुलिसकर्मियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण व आंदोलनकारी मौजूद थे.

दरअसल, वर्षों पुराने इतिहास समेटे स्याल्दे बिखोती मेला मैदान से सैकड़ों गांवों व तोकों की आस्था जुड़ी है. करीब दो सालों से अतिक्रमण के खिलाफ छटपटा रहे ग्रामीणों को ऐतिहासिक स्थल पर अवैध निर्माण नागवार गुजर रहे थे. संयुक्त संघर्ष मोर्चा के लगभग 23 दिन के आंदोलन में मेले से जुड़े आल, गरख व नौज्यूला धड़े के मुखिया ही शामिल हुए. मगर तमाम गांवों के वाशिंदे सड़क पर उतरने को पूरी तरह तैयार थे.