सुधरेगा पुराना चारधाम यात्रा मार्ग, 15 करोड़ रुपये मंजूर

रानीखेत।… ब्रिटिश काल के राष्ट्रीय राजमार्ग के पुनर्निर्माण की उम्मीद दो साल के अंतराल के बाद एक बार फिर जग गई है. इससे पहले भी 6 करोड़ की रकम बहाने के बाद केंद्रीय भूतल मंत्रालय ने 7.50 करोड़ रुपये दोबारा स्वीकृत किए हैं. 7.50 करोड़ रुपये का ही बजट पुराने चारधाम यात्रा मार्ग पर घिंघारीखाल से गगास घाटी तक के लिए भी मंजूर कर दी गई है.

कुमाऊं के सबसे पुराने ब्रिटिशकालीन अल्मोड़ा-मजखाली नेशनल हाईवे को नए सिरे से बनाने के लिए दो साल पहले 6 करोड़ का बजट खर्च किया गया. इसके तहत हाईवे पर पुराने डामर को उखाड़ नए सिरे से हॉटमिक्स किया जाना था. इस रकम से घिंघारीखाल से गगास व मजखाली से कठपुड़िया तक सोलिंग और हॉटमिक्स की योजना थी.

लेकिन कार्यदायी संस्था ने काम आधे में ही छोड़ दिया. हालांकि एनएच ने कांट्रेक्टर पर पेनल्टी भी ठोकी दी, मगर इसका खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ा. हादसों का सबब बन चुके इस हाईवे के उद्धार की अब एक बार फिर उम्मीद जगी है. केंद्रीय भूतल मंत्रालय ने गड्ढों में तब्दील हाईवे पर हॉटमिक्स के लिए 7.50 करोड़ स्वीकृत किए हैं. एनएच प्रशासन के मुताबिक इतनी ही रकम घिंघारीखाल से गगासघाटी तक हॉटमिक्स में भी खर्च किये जाएंगे.

हाईवे का हश्र पहले जैसा न हो, इसके लिए एनएच प्रशासन अब फूंक-फूंककर कदम रख रहा है. तकनीकी रिपोर्ट तैयार करने के बाद महकमा कार्यदायी संस्थाओं की जांच में जुटा है. अधिकारियों के अनुसार ब्लैक लिस्टेड कंपनी को काम बिल्कुल नहीं दिया जाएगा.