बाघ की दहाड़ से दहशत, लोगों का घर से निकलना हुआ दूभर

काशीपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में बाघ की दहाड़ से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई है. गांव के आसपास बाघ होने की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस टीम ने जब गन्ने के खेत की जांच की तो वहां सियार का एक शव मिला. इसके अलावा खेत में बाघ के पंजों के निशान भी मिले हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है.

कुंडेश्वरी के ग्राम ढकिया नंबर एक में पिछले चार-पांच दिनों से बाघ की दहाड़ गूंज रही है. शुक्रवार रात्र भी गन्ने के खेत से बाघ की दहाड़ सुनाई देने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया. इसके बाद शनिवार की सुबह ग्रामीणों ने गन्ने के खेत में बाघ होने की सूचना पुलिस का दी. सूचना मिलने पर कुंडेश्वरी पुलिस ने खेत का मुआयना कर बाघ को तलाशने की कोशिश की.

पुलिस बाघ को तो नहीं ढूंढ पायी, लेकिन उन्हें गन्ने के खेत में सियार का शव और आसपास बाघ के पंजे के निशान जरूर दिखे. ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग के अधिकारियों को भी इस बारे में सूचना दी गई थी, लेकिन वन विभाग का कोई भी कर्मचारी गांव तक नहीं पहुंचा. प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं.

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ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में पिछले कई दिनों से बाघ की दहाड़ सुनाई दे रही है. शाम ढलते ही लोग घरों में कैद हो जाते हैं. डर के कारण बच्चों का स्कूल जाना भी दूभर हो गया. ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना दिए जाने के बावजूद वन विभाग का कोई कर्मचारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है. चौकी प्रभारी अरुण सैनी ने बताया कि पुलिस बाघ की तलाश में कांबिंग कर रही है.