भूमि विनियमितीकरण के मुद्दो पर हो सकता है 10 फरवरी को फैसला

देहरादून।… सितारगंज क्षेत्र में भूमि विनियमितीकरण के बहाने फिर सतह पर आयी कांग्रेस की अंदरूनी कलह के बीच, मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 10 फरवरी को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है. इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा द्वारा उठाये गये मुद्दों का समाधान निकलने की संभावना है.

इस बैठक में सितारगंज क्षेत्र के भूमि विनियमितीकरण के मसले का समाधान निकाल सकते हैं. आपको ध्यान दिला दें इस मुद्दे को लेकर बहुगुणा ने आवाज़ उठाई थी. उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने बताया कि इसके अलावा, बहुगुणा के बेटे और कांग्रेस नेता साकेत द्वारा उठाये गये मुद्दों पर भी विचार किया जायेगा.

साकेत ने पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यकाल में लिये गये फैसलों को लागू किये जाने पर जोर दिया, जिसमें वर्ग-चार और श्रेणी-एक ख की भूमि का विनियमितीकरण भी शामिल है. इसके जल्दी हल न निकलने पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने आगामी 15 फरवरी को उधमसिंह नगर जिले में अपनी सरकार के खिलाफ एक जनाक्रोश रैली करने की धमकी दी है. देहरादून बार एसोसियेशन को 50 लाख रुपये देने की घोषणा को पूरा करने की भी बात भी कही गई, जिस पर भी मुख्यमंत्री ने सहमति जताई. गौरतलब है कि टिहरी लोकसभा क्षेत्र से दो बार चुनाव लड़ चुके पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे साकेत बहुगुणा दोनों बार असफल रहे हैं.

उत्तराखंड की राजनीति में बहुगुणा और रावत को एक दूसरे का चिर प्रतिद्वंदी माना जाता है. बहुगुणा के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद ही रावत ने पिछले साल एक फरवरी को प्रदेश की कमान संभाली थी. इससे पहले कई बार ध्यान दिलाये जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न होने पर रावत को दोषी ठहराते हुए बहुगुणा ने कहा कि अगर इन मुद्दों का जल्द कोई हल नहीं निकलता तो वह आगामी 15 फरवरी को उधमसिंह नगर जिले में एक जनाक्रोश रैली करेंगे. इसके अलावा, रावत पत्र लिखकर भी बहुगुणा को भूमि विनियमितीकरण के स्थायी समाधान का भरोसा दिला चुके हैं