मुख्यमंत्री का आश्वासन: सुरक्षि‍त है चारधाम यात्रा, चले आओ उत्तराखंड

देहरादून।… चार धाम यात्रा का सीजन शुरू होने वाला है. साल 2013 में आयी केदानाथ तबाही के बाद से ही राज्य का पर्यटन व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित है. अब स्वयं मुख्यमंत्री ने कमान अपने हाथ में लेते हुए देश-दुनिया के पर्यटकों व तीर्थ यात्र‍ियों को यात्रा के प्रति आश्वस्त किया है. मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पूरी तरह से सुरक्ष‍ित है और सरकार ने उनकी सुरक्षा के लिए पूरी व्यवस्था की है.

शुक्रवार को मुंबई में पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए सरकार ने विशेष प्रबंध किए हैं. 1500 यात्रियों के लिए पक्के आवास एवं 1000 के लिए टेंट की व्यवस्था की गई है. उन्होंने कहा, बेहतर ट्रेकिंग रूट बनाया गया है. यात्रियों की सुविधा के लिए हेली सर्विस व हेलीपैड, घाट का निर्माण किया गया है.

मुख्यमंत्री ने बताया, गुप्तकाशी से केदारनाथ तक हेलीकॉप्टर यात्रा करने वाले 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों के लिए 25 फीसदी सब्सिडी दी जाएगी, जिसे राज्य सरकार वहन करेगी. इसके साथ ही बद्री-केदार मंदिर समिति लंगर भी लगाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ में विषम परिस्थितियों के बावजूद भी पुनर्निर्माण कार्य किया जा रहा है. इसमें नेहरू माउंटनियरिंग संस्थान (NIM) का काम सराहनीय है.

उन्होंने कहा कि यात्रा शुरू होने से पहले केदारनाथ को यात्रियों के लिए पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा और सरकार इसके प्रति प्रतिबद्ध है. पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार राज्य में हिमालयन दर्शन योजना को शीघ्र शुरू करने वाली है. जागेश्वर व मदमहेश्वर धाम को विकसित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि केदारनाथ के विकास के लिए तीन साल की कार्ययोजना बनी है.

पहले चरण में 1600 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है और कुल 7000 करोड़ रुपये के व्यय होने का संभावित है. केंद्र सरकार से भी मदद की अपील की गई है. इस मौके पर पर्यटन मंत्री दिनेश धनै, बद्री-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल, सचिव पर्यटन डा. उमाकांत पंवार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे.

इससे पहले हरीश रावत ने गोरेगाव स्पो‌र्ट्स एंड एक्जीबिशन सेंटर पहुंचकर प्रदर्शनी देखी. उन्होंने कहा, इस प्रकार के मेले राज्य के पर्यटन व्यवसाय को प्रोत्साहित करने का काम करते हैं. इसके बाद मुख्यमंत्री ने वाशी में उत्तराखंड भवन के लिए आवंटित भूमि का दौरा किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने पर्यटन व राज्य संपत्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तराखंड भवन का निर्माण जल्द किया जाए. इसमें पर्वतीय हस्तशिल्प कला का विशेष ध्यान रखा जाए.