घर तक पहुंचेगी सड़क, लंबे समय से अटकी सात सड़कों को मिली मंजूरी

विकास का पहिया सड़क के जरिए हर गांव तक पहुंचता है. लेकिन उत्तराखंड में सड़क बनाने के कई मामले पिछले कई सालों से अटके हुए थे. इसका कारण था वन विभाग से भूमि हस्तांतरण नहीं हो पाना. लेकिन अब आप जल्द ही अपने घर तक गाड़ी में सवार होकर जा पाएंगे, क्योंकि अब कम से कम 7 सड़कों को वन विभाग से मंजूरी मिल गई है.

वन भूमि हस्तांतरण मामले से जुड़ी जिन सात सड़कों को क्षेत्रीय सक्षम समिति (आरईसी) ने सहमति दी थी, उन्हें केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने सैद्धांतिक तौर पर मंजूर कर लिया है. लिखित मंजूरी मिलते ही इन मार्गों पर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा.

हाल ही में आरईसी की पहली बैठक में लंबे समय से लटकी हुई प्रदेश की सात बड़ी सड़क परियोजनाओं पर सहमति बनी थी. ये सभी परियोजनाएं 5 हेक्टेयर से ज्यादा वन भूमि की हैं. इससे पहले केंद्र सरकार ने 40 हेक्टेयर वन भूमि तक की परियोजनाओं की मंजूरी का अधिकार मंत्रालय के दून स्थित क्षेत्रीय कार्यालय को दिया था.

कार्यालय के नोडल अधिकारी और अपर प्रमुख वन संरक्षक एसपीएस लेप्चा के अनुसार केंद्र की सैद्धांतिक सहमति के बाद अब दून कार्यालय से लिखित मंजूरी दी जानी है. बताया कि एक महीने के भीतर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. इसके बाद निर्माण शुरू हो सकेगा.

इन मार्गों के जल्दी बनने की उम्मीद जता सकते हैं आप. इन्हें मिल गई है मं‍जूरी…

1. अल्मोड़ा में अल्मोड़ा-क्वारब-कोसी तक 19 किलोमीटर बाईपास मोटर मार्ग (PWD) में 10.1763 हेक्टेयर वन भूमि है.

2. टिहरी में झिंझनीसैंण-जखेड़ 10.30 किमी लंबे मोटरमार्ग को PWD को बनाना है, इसमें 6.412 हेक्टेयर वन भूमि है.

3. टिहरी जिले में टिहरी-शिवपुरी-हाडीसेरा मोटरमार्ग दस किलोमीटर लंबा है, इसमें 5.65 हेक्टेयर वन भूमि है, इसका निर्माण भी PWD को करना है.

4. पौड़ी जिले में पौड़ी-पाणीसैंण-डबराड़-बूथानगर मोटरमार्ग (PWD) की लंबाई 12 किलोमीटर है और इसमें 6.93 हेक्टेयर वन भूमि है.

5. टिहरी जिले में 23.40 किलोमीटर लंबा टिहरी गढ़वाल-थत्यूड-कैंपटी मार्ग, इसमें 12.077 हेक्टेयर वन भूमि है, निर्माण PWD को करना है

6. चमोली में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क परियोजना के अंतर्गत गोल-मथकोट मोटरमार्ग पर 6.65 हेक्टेयर वन भूमि है, इसकी कुल लंबाई 15.95 है, इसे ग्रामीण अभियंत्रण सेवा को बनाना है.

7. रुद्रप्रयाग में सेरा-खरगेड़-बासी-कोटला-रोठिया-जवाड़ी-उत्यासू-मल्यासू 14.20 किलोमीटर लंबा मार्ग है, PWD के अधीन इस सड़क पर 8.908 हेक्टेयर वन भूमि है.