खूनी दंगल में बदली दिल्ली की चुनावी जंग

दिल्ली के दंगल में राजनीति अब बयानबाजी से आगे बढ़कर हिंसक हमलों और झड़प तक पहुंच गई है. सोमवार शाम बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी के ऑफिस पर हमले के बाद अब राजधानी के रोहतास नगर में चुनाव प्रचार से लौट रहीं AAP उम्मीदवार सरिता सिंह पर हमले की खबर है.

हमलावरों ने सोमवार देर रात उनके कार के शीशे तोड़ दिए, जबकि सरिता सिंह को कोई चोट नहीं आई है. हमलावर फरार हैं, इस मामले में बीजेपी कार्यकर्ताओं पर शक जताया जा रहा है. हमले के बारे में सरिता सिंह कहा, ‘वो लोग पीछे से आए तो उन्होंने कार के शीशे पर पीछे से वार किया. डंडे की चोट से कार का शीशा टूट गया. इसके बाद हमलावरों ने कार का गेट खोलने की कोशि‍श की, लेकिन गेट लॉक होने के कारण नहीं खुला.’

इससे पहले किरण बेदी के कृष्णानगर स्थित ऑफिर पर सोमवार शाम हमला हुआ. हमलावर बेदी के खिलाफ नारे लगाते हुए आए थे, उनकी बीजेपी कार्यकर्ताओं से झड़प भी हुई. गौरतलब है कि किरण बेदी कृष्णानगर विधानसभा सीट से ही चुनाव लड़ रही हैं. यहां किरण का चुनावी ऑफिस भी है. सोमवार शाम कुछ लोग उनके खिलाफ नारे लगाते हुए यहां आए. उनकी बीजेपी कार्यकर्ताओं से जोरदार झड़प हुई. इस झड़प में 11 लोगों के घायल होने की भी खबर है. किरण बेदी ने खुद ट्वीट करके यह जानकारी दी.

संयुक्त पुलिस आयुक्त संजय बनीवाल ने कहा, बीजेपी कार्यकर्ताओं के एक ग्रुप और वकीलों के एक ग्रुप के बीच संघर्ष हुआ. वे किरण बेदी के प्रचार कार्यालय के बाहर उनके खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे. उन्होंने कहा कि वकीलों का बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विरोध किया. इसके बाद गर्मागरम बहस हुई, जिसने दोनों पक्षों के बीच संघर्ष का रूप ले लिया.

जिला अदालतों के वकील दिल्ली विधानसभा चुनाव में किरण बेदी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने के बीजेपी के फैसले का विरोध कर रहे हैं. वकील तीस हजारी कोर्ट में 1988 में वकीलों पर किरण बेदी द्वारा लाठी चार्ज करवाने को लेकर उनका विरोध कर रहे हैं. बेदी उस वक्त डीसीपी (उत्तर) थी. बाद में, किरण बेदी ने कहा कि उन्होंने घटना के बाद अपनी रैली को छोटा कर दिया.

उन्होंने कहा, ‘मुझे सूचित किया गया है कि कृष्णानगर में मेरे बीजेपी चुनाव कार्यालय पर हमला किया गया है. कुछ लोगों के घायल होने की भी खबर दी गई है. रैली को जल्दी में ही समाप्त करके लौट रही हूं.’