अर्धकुंभ से पहले रेलवे स्टेशन के मेला प्लेटफॉर्म का हो रहा कायाकल्प

अगले साल होने वाले अर्धकुंभ से पहले हरिद्वार रेलवे स्टेशन के मेला प्लेटफॉर्म की सूरत बदल जाएगी. चारों प्लेटफॉर्मों के सौंदर्यीकरण के अलावा पैसेंजर शेड, पानी, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी. स्टेशन के पैसेंजर हॉल में भीड़-भाड़ को देखते हुए इसे मेला प्लेटफॉर्म के कुंभ द्वार पर शिफ्ट किए जाने की भी योजना है.

2010 कुंभ में यात्रियों के दबाव को देखते हुए रेलवे ने स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग के तहत चार नए प्लेटफॉर्म बनाए थे. इसे मेला प्लेटफॉर्म का नाम दिया गया. मेला अवधि के दौरान और इसके बाद इन प्लेटफॉर्मों से कुंभ समेत कई ट्रेनों का संचालन भी किया जा रहा है, लेकिन स‍ही रखरखाव के अभाव में इन प्लेटफॉर्मों की दशा बद से बदतर हो चली है.

टूटे फर्श, बुरी हालत में शौचालय इन प्लेटफॉर्मों की दुर्दशा को बयां कर रहे हैं. यहां तक कि प्लेटफॉर्म पर रोशनी और पीने योग्य पानी की भी सही व्यवस्था नहीं है. पानी के लिए जगह-जगह स्टैंड पोस्ट तो बने हैं, लेकिन ज्यादातर में पानी आता ही नहीं है. जिन पोस्टों पर पानी आ भी रहा है वहां अर्से से प्रेशर की समस्या बनी है.

पर्याप्त रोशनी के अभाव में रात के समय इन प्लेटफॉर्मों से ट्रेन पकड़ने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. प्लेटफॉर्मों पर लगे पैंसेजर शेड भी जीर्ण-शीर्ण हालत में हैं. इसके चलते हर मौसम में यात्रियों को यहां समस्याओं का सामना करना पड़ता है. प्लेटफॉर्म के रेलवे ट्रैक पर गंदगी न फैले इसके लिए चरणबद्ध तरीके से वॉशेबल एप्रोन बनाया जा रहा है. अर्धकुंभ से पहले प्लेटफॉर्मों के सौंदर्यीकरण सहित पानी, बिजली, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त करने की भी रेलवे की योजना है.