बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं, प्रसव के दौरान महिला की मौत पर बवाल

बागेश्वर।… बागेश्वर जिले के कर्मी में एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की तरह कई उंगलियां खड़ी हो गई हैं. यहां प्रसव के दौरान महिला की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है. पहले से ही बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की खिलाफत कर रहे जन स्वास्थ्य संघर्ष मोर्चा अल्मोड़ा ने इस मामले को गंभीरता से लेकर मुख्यमंत्री हरीश रावत से महिला की मौत की उच्चस्तरीय जांच करने व बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल करने की मांग की है.

मोर्चा के लोगों ने कहा, राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था का बुरा हाल है. हालत यह हो गई है कि प्रसव के दौरान तक महिलाओं की मौत हो रही है, जिसका सबसे ताजा उदाहरण कर्मी की महिला उषा की मौत है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को ठीक करने के दावे में सरकार अस्पतालों को पीपीपी मोड में देकर जिम्मेदारी से भाग रही है. यही नहीं करोड़ों की जन कल्याणकारी योजनाओं के नाम पर कमीशन खोरी हो रही है.

उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी के नेतृत्व में मोर्चा का शिष्टमंडल डीएम से मिला और उनके माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया. ज्ञापन में कर्मी में प्रसव के दौरान हुई मौत की उच्च स्तरीय जांच करने, राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की जांच को आयोग गठित करने, हर स्तर पर जन सुनवाई के जरिये सच्चाई सामने लाने, स्वास्थ्य सेवाओं के बाजारीकरण पर रोक लगाने, पीपीपी मोड व्यवस्था बंद करने और अनिवार्य, नि:शुल्क व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की गारंटी देने की मांग शामिल हैं.