अब एक साल से भी कम बचा समय, परखे जा रहे हैं अर्धकुंभ के काम

हरिद्वार।… अर्धकुंभ मेले के प्रस्तावित कामों को मेला अधिष्ठान एक बार फिर परखेगा और विभागवार कामों की समीक्षा होगी. इसके बाद ही जरूरी कामों की प्राथमिकता तय होगी. शुक्रवार को मेलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के कामों का निरीक्षण किया. शनिवार को तीन अन्य विभागों के काम देखे जाएंगे.

अर्धकुंभ मेले के लिए विभागों ने लंबे चौड़े प्रस्ताव बनाए हैं. लेकिन, अब कामों को करने का समय बहुत कम बचा है. इसलिए मेला अधिष्ठान अब ऐसे कामों को चिन्हित करने में जुटा है, जिनकी मेले में सबसे ज्यादा जरूरत होगी. विभागों के सभी प्रस्तावों को फिर से टटोला जा रहा है. केवल ऐसे काम ही कराए जाएंगे, जो बहुत जरूरी हैं.

शुक्रवार को 12 बजे से शाम तक सिंचाई विभाग के प्रस्तावों की समीक्षा के साथ स्थलीय निरीक्षण किया गया. मेलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने मेला अधिष्ठान में प्रस्तावों की समीक्षा के साथ जहां काम प्रस्तावित हैं उन इलाकों का जायजा लिया. इनमें हरकी पैड़ी के पास बनने वाले तीन अस्थाई व एक स्थाई पुल के निर्माण की जानकारी भी ली गई. सिंचाई विभाग ने जहां-जहां घाट प्रस्तावित किए हैं उनका भी निरीक्षण किया गया.

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इसके साथ ही दूधियाबंद सड़क, भीमगौड़ा में प्रस्तावित सिंचाई विभाग के काम देखे गए. सिंचाई विभाग के कामों की समीक्षा के बाद शनिवार को पेयजल निगम, जल संस्थान व ऊर्जा निगम के कामों की समीक्षा की जाएगी. मेलाधिकारी ने बताया कि इन कामों को करने से पहले पूरी तरह उनकी स्थिति को देखा जा रहा है. जो काम बेहद जरूरी नहीं है, वे ही किए जाएंगे, बाकी काम फिलहाल ‘होल्ड’ पर रहेंगे.

गौरतलब है कि 2016 में जनवरी महीने से ही हरिद्वार में अर्धकुंभ मेला शुरू हो जाएगा.

अर्धकुंभ मेला 2016 में बेहद खास दिन और स्नान:

14 जनवरी 2016 (गुरुवार) मकर संक्रांति  – पहला स्नान
08 फरवरी 2016 (सोमवार) मौनी अमावस्या – दूसरा स्नान
12 फरवरी 2016 (शुक्रवार) वसंत पंचमी – तीसरा स्नान
22 फरवरी 2016 (सोमवार) माघ पूर्णिमा – चौथा स्नान
08 मार्च 2016 (मंगलवार) महाशिव‍रात्र‍ि – पहला शाही स्नान
07 अप्रैल 2016 (गुरुवार) सोमवती अमावस्या – दूसरा शाही स्नान
15 अप्रैल 2016 (शुक्रवार) राम नवमी
22 अप्रैल 2016 (शुक्रवार) चैत्र पूर्ण‍िमा स्नान
06 मई 2016 (शुक्रवार) कृष्ण पक्ष अमास्या
21 मई 2016 (शनिवार) वैशाख (शख) पूर्ण‍िमा