अन्ना ने फिर भरी हूंकार, इस बार आंदोलन का निशाना ‘मोदी सरकार’

2011 में भ्रष्टाचार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन छेड़ने वाले समाजसेवी अन्ना हजारे अब एक बार फिर केंद्र सरकार के ख‍िलाफ आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं. इस बार हालात कुछ अलग हैं, क्योंकि केंद्र में मोदी सरकार को आए अभी करीब 8 महीने हुए हैं और अन्ना के पुराने सहयोगी अरविंद केजरीवाल व किरण बेदी उनके साथ नहीं हैं.

इस बार भी मुद्दा जनलोकपाल की नियुक्ति ही होगा. फरवरी महीने की शुरुआत में दिल्ली में टीम अन्ना की कोर कमेटी की बैठक होगी, जिसमें आंदोलन की दिशा तय की जाएगी. दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले अन्ना का यह ऐलान बीजेपी की वाकई में चिंताएं बढ़ाने वाला साबित हो सकता है.

महाराष्ट्र में अपने गांव रालेगण सिद्धि में अन्ना ने कहा, ‘मोदी ने भ्रष्टाचार पर अपना वादा नहीं निभाया है. नई सरकार को जितना समय देना चाहिए था, उतना दे दिया है. प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव से पहले जो आश्वासन दिया वह पूरा नही किया. मैं सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करूंगा.’

गौरतलब है कि काले धन के मुद्दे पर अन्ना केंद्र की मोदी सरकार से नाखुश हैं. तीन स्विस बैंक खाताधारकों के नाम सामने आने के बाद भी अन्ना ने मोदी को चिट्ठी लिखकर प्रदर्शन की चेतावनी दी थी. अन्ना ने उस चिट्ठी में लिखा था कि वह संसद के शीत सत्र तक इंतजार करेंगे. अगर उसके बाद भी काला धन वापस लाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे मोदी के खिलाफ जनता को साथ लेकर सड़कों पर उतरेंगे.

अन्ना ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा था, ‘आपने काला धन वापस लाने का वादा किया था. अब 100 दिन से ज्यादा का समय हो चुका है. आपने सिर्फ तीन नाम बताए हैं और कोई कार्रवाई भी नहीं की है.’

एक समय भ्रष्टाचार के मुद्दे पर यूपीए के खिलाफ आंदोलन करने वाले अन्ना ने मोदी को लिखा, ‘आपने यह भी कहा था कि काला धन वापस आने के बाद हर नागरिक के अकाउंट में 15 लाख रुपये आ जाएंगे. मैं संसद का शीत सत्र समाप्त होने तक इंतजार करुंगा. उसके बाद मैं भारी जनसमूह के साथ मोदी के खिलाफ प्रदर्शन करुंगा.’

गौरतलब है कि 2011 में जनलोकपाल के मुद्दे पर अन्ना हजारे ने अरविंद केजरीवाल, किरण बेदी, मनीष सिसोदिया, कुमार विश्वास और कई अन्य सहयोगियों के साथ यूपीए सरकार के खिलाफ अनशन किया था. हालांकि राजनीतिक पार्टी बनाने के मुद्दे पर वह केजरीवाल से अलग हो गए थे. हाल ही में उनकी दूसरी श‍िष्य किरण बेदी ने भी बीजेपी ज्वाइन करने का फैसला किया है और अब वे बीजेपी की तरफ से दिल्ली में मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार हैं.