पिछला खर्च नहीं हुआ और नया जिला योजना खर्च साढ़े 7 करोड़ बढ़ा

पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले इस साल जिला योजना के बजट में 7.49 करोड़ की बढ़त हुई है. इसमें पेयजल व सड़क के लिए अच्छी रकम का प्रावधान किया गया है. नए वित्तीय वर्ष के लिए बजट का खेल तो शुरू हो गया है, लेकिन पिछले साल के लिए पास बजट का अभी तिहाई हिस्सा भी खर्च नहीं हो पाया है.

गौरतलब है कि पिछले वर्ष से 7.49 करोड़ रुपये बढ़कर इस बार जिला योजना वर्ष 2015-16 के लिए 63.56 करोड़ का बजट पास किया गया है. इसमें कुछ विभागों के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है. जहां नए वित्तीय वर्ष के लिए बजट का खेल शुरू हो गया, वहीं दूसरी ओर वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिए पास बजट का दो तिहाई खर्च होना बांकी है.

पिछली बार जिला योजना के तहत 56.07 करोड़ रुपये पास हुए थे, इसमें से 31 दिसंबर, 2014 तक करीब 16.06 करोड़ का बजट ही खर्च हो पाया है, विभागों को 32.99 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं और अभी लगभग 23.07 करोड़ का बजट जारी किया जाना बाकी है. वित्तीय वर्ष खत्म होने को है, नेकिन बजट खर्चने की गति बेहद धीमी है.

जिले के प्रभारी मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने अल्मोड़ा में बताया कि विकास भवन में जिला योजना के बजट संबंधी बैठक में उरेडा विभाग को निर्देश दिए कि बड़े सरकारी संस्थानों के साथ ही स्कूलों व अस्पतालों में सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा, ऐसी योजनाएं व प्रस्ताव तैयार कर बजट का प्रावधान किया जाए और यंत्रों की मरम्मत के लिए भी बजट में प्राविधान हो.