हरिद्वार जिले के मेले और धार्मिक आयोजन

हरिद्वार एक ऐसी जगह है जहां सालभर सोमवती अमावस्या, कार्तिक पूर्ण‍िमा, श्रावण पूर्णिमा और गंगा दशहरा जैसे पर्वों पर पूरे हर्षोल्लास से मेलों का आयोजन होता है. यहां पर हिन्दू कलेंडर के अनुसार सालभर अन्य कई महत्वपूर्ण मौकों पर भी मेलों और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होता रहता है.

श्रावण के महीने में यहां लाखों की संख्या में शिवभक्त पवित्र मंगा नदी में डुबकी लगाने के लिए पहुंचते हैं. इस पूरे महीने यहां कांवड मेले का आयोजन होता है. शिव भक्त यहां से कांवड़ में पानी भरकर ले जाते हैं और अपने घर के पास के श‍िवालयों में चढ़ाते हैं. इनके अलावा हरिद्वार में हर 12 साल में विश्व प्रसिद्ध कुंभ मेले और 6 साल में अर्धकुंभ मेले का आयोजन होता है.

हरिद्वार प्रशासन यहां गंगा नदी के किनारे पर 3-4 दिन के कल्चरल फेस्ट‍िवल ‘हरिद्वार महोत्सव’ का आयोजन करता है. इसके अलावा प्रशासन की ओर से यहां पर ‘आयुर्वेद महोत्सव’ का भी आयोजन होता है. इसके अलावा पिरान कलियार की पवित्र दरगाह पर सालाना उर्स का भी आयोजन होता है, जहां हजारों श्रृद्धालु प्रार्थना करने आते हैं.

इसके अलावा हरिद्वार जिले में सालभर मेलों का आयोजन होता रहता है:

मासिक मेले और आयोजन:

महीना मेले का नाम या आयोजन
जनवरी मक्कर सक्रांति
फरवरी-मार्च महा शि‍‍वरात्रि
मार्च-अप्रैल राम नवमी
अप्रैल बैसाखी
मई बुद्ध पूर्ण‍िमा और गंगा सप्तमी
जून गंगा दशहरा
जुलाई-अगस्त कांवड़ मेला
जुलाई सोमवती अमावस्या
अगस्त जन्माष्टमी
अक्टूबर दुर्गा पूजा
नवंबर कार्तिक पूर्णिमा


मासिक मेले:
एकादशी
पूर्ण‍िमा
अमावस्या

खास आयोजन:
सूर्य ग्रहण
चंद्र ग्रहण