अल्‍मोड़ा के मेले और धार्मिक आयोजन

अल्‍मोड़ा के मेले (कौतिक) न केवल धार्मिक, सामाजिक और लोगों की सांस्‍कृतिक पृष्‍ठभूमि की अभ‍िव्‍यक्‍ति करते हैं, बल्‍कि यह लोक संस्‍कृति और आर्थ‍िक गतिविधियों के भी केंद्र होते हैं. इन्‍हीं मेले-कौतिक और धार्मिक आयोजनों में लोग बच्‍चों के लिए खिलौने और कपड़ों से लेकर घर की जरूरी वस्‍तुएं तक खरीदते हैं. वैसे तो अल्‍मोड़ा जिले में सालभर छोटे-बड़े कौतिक-मेले और धार्मिक आयोजन होते रहते हैं, लेकिन उनमें से कुछ चुनिंदा और बड़े आयोजन इस प्रकार हैं.

नंदा देवी मेला, अल्‍मोड़ा
आयोजन कब और कहां: नंदा देवी मेले का आयोजन अल्‍मोड़ा शहर में सितंबर के महीने में होता है.
कितने दिन का आयोजन: मेला 5 दिन तक चलता है.
आयोजन कब से: अल्‍मोड़ा में चंद राजाओं के शासनकाल से इस मेले का आयोजन हो रहा है. माना जाता है कि ‘नंदा’ चंद वंश की पारिवारिक देवी हैं. उन्‍हें सौभाग्‍य व समृद्धि की देवी माना जाता है.
नंदा देवी मंदिर: अल्‍मोड़ा में नंदा देवी मंदिर का निर्माण नंद वंश के तत्‍कालीन राजा द्योत चंद ने सत्रहवीं शताब्‍दी में कराया. मेले का मुख्‍य आयोजन स्‍थल नंदा देवी का मंदिर ही होता है.

जागेश्‍वर मानसून महोत्सव
आयोजन कब और कहां: जागेश्‍वर मानसून मेले का आयोजन जागेश्‍वर मंदिर के पास 15 जुलाई से 15 अगस्‍त तक होता है.
कितने दिन का आयोजन: जागेश्‍वर मानसून मेला पूरे एक महीने तक चलता है.
जागेश्‍वर मंदिर का इतिहास: मंदिर का निर्माण 8वीं या 9वीं सदी में हुआ था और यहां देशभर में मौजूद शिव के 12 ज्‍योतिर्लिंगों में से एक है. जागेश्‍वर में प्रचीन काल के 125 छोटे-बड़े पुरातात्‍विक महत्‍व के मंदिर हैं.

दशहरा महोत्‍सव, अल्‍मोड़ा
आयोजन कब और कहां: दशहरा महोत्‍सव का आयोजन अल्‍मोड़ा शहर में अक्‍टूबर महीने में बहुत ही अनूठे तरीके से होता है. शहर के लगभग सभी मोहल्‍लों में दशहरे का आयोजन होता है.

इनके अलावा अल्‍मोड़ा जिले में कई अन्‍य मेले-कौतिक और धार्मिक त्‍योहारों का आयोजन होता है. जो इस क्षेत्र की विरासत, कला और संस्कृति से जुड़े हुए हैं. इनमें से कुछ प्रसिद्ध कौतिक-त्‍योहार इस प्रकार हैं.

  • श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव, रानीखेत
  • नंदा देवी महोत्सव, नैनीताल और रानीखेत
  • शरदोत्‍सव या हेमंतोत्‍सव, नैनीताल और रानीखेत
  • स्‍यालदे-बिखोती मेला, द्वाराहाट
  • सोमनाथ मेला, मासी
  • महाशिवरात्रि, बिनसर महादेव-सौनी, हेड़ाखाना, चिलियानौला और भिकियासैंण
  • पुर्णागिरी नवरात्रि मेला
  • देवीधुरा रक्षाबंधन मेला
  • दूनागिरी मेला
  • मुस्‍तमानू मेला
  • कपिलेश्‍वर मेला
  • कृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी मेला, कालापानी
  • गुंजी कनारदेवी मेला,गोरी घाटी बरम
  • होंकारा देवी मेला, बिरठी
  • धनलेख मेला, असकोट
  • लक्‍शर मेला, नैनी पाताल