विश्व पर्यटन से जुड़ेंगे हरिद्वार-ऋष‍िकेश

हरिद्वार

हरिद्वार और ऋषिकेष को अंतरराष्ट्रीय टूरिस्ट सर्किट के माध्यम से विश्व पर्यटन से जोडकर आदर्श पर्यटन स्थल बनाया जाएगा. केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री महेश शर्मा के अनुसार भारत में हर साल मात्र बहत्तर लाख पर्यटक आते हैं, जिसे हमें दोगुना करना है. उन्होंने कहा कि भारत समृद्ध संस्कृति वाला देश है. पूरे विश्व के 50 प्रतिशत स्मारक भारत में हैं. अत: केंद्र धार्मिक पर्यटन को एविएशन के पंख लगाकर विश्व के कोने-कोने में पर्यटन का हिस्सा बनाएगा.

शर्मा ने हरिद्वार में एक पत्रकार वार्ता में कहा कि विश्व पर्यटन से जुडने में तीन बिंदुओं पर काम किया जाना जरूरी है. पहला स्वच्छता, दूसरा सुरक्षा और तीसरा आतिथ्य. उन्होंने कहा कि ‘स्वच्छ भारत, स्वच्छ स्मारक’ के स्लोगन के साथ हम एक से तीन माह के भीतर अपने काम के परिणाम के साथ खड़े दिखाई देंगे.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना पर्यटन को पंख लगाना है, जिसके लिए हर एक की भागीदारी जरूरी है. मंत्री ने कहा कि पर्यटन के माघ्यम से युवाओं को रोजगार से जोड़े जाने की योजना है, अन्तरराष्ट्रीय टूरिस्ट सर्किट हो या घरेलू टूरिज्म सर्किट दोनों ही दशा में पर्यटन को स्वच्छता अभियान से जोड़ा जाएगा और एक माह के भीतर ही परिणाम भी दिखने शुरू हो जाएंगे.

पर्यटकों की सुरक्षा के बारे में उन्होंने कहा कि हमें राज्य पुलिस से सहयोग मिलता है तो ठीक है अन्यथा हम पर्यटकों की सुरक्षा को पर्यटन पुलिस की तैनाती करेंगे.

पर्यटन मंत्री ने कहा, ‘हमने गृहमंत्री और गृह सचिव से कहा है कि इस पर तुरंत कोई कानून लाया जाना चाहिए ताकि कोई भी पर्यटक को छूने या जबर्दस्ती करने का प्रयास न कर सके.’ उन्होंने कहा, संस्कृति विभाग के माध्यम से एक करोड़ पैंतालिस लाख रुपये की लागत से हरिद्वार में म्यूजियम की स्थापना की जएयेगी और एक साइंस एंड टेक्नोलॉजी म्यूजियम की स्थापना भी लगभग इतनी ही धनराशि की लागत से की जाएगी.

शर्मा ने कहा कि अल्मोडा में काकरी घाट पर विवेकानन्द का भी एक स्मारक बनाया जाएगा, जिसके लिए ढाई करोड़ रुपये अवमुक्त कर दिए गए हैं. पर्यटन मंत्री ने कहा कि आपदा के दौरान दी गयी सात सौ करोड़ की धनराशि का लेखा-जोखा भी वह प्रदेश सरकार से जानेंगे.