शीतकालीन चारधाम यात्रा का हुआ शुभारंभ

उत्तरकाशी
गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा गांव से उत्तराखंड में चार धाम शीतकालीन यात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया गया. गंगोत्री धाम के कपाट खुलने की तर्ज पर मुखबा में भी तीर्थ पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यात्रा का श्रीगणेश किया. अब पहली बार चार धाम यात्रा वर्षभर चलेगी.

अब तक परंपरा के अनुसार शीतकाल में प्रदेश के चार धाम गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ के कपाट बंद होने के साथ चार धाम यात्रा संपन्न हो जाती थी, लेकिन इस बार सरकार ने शीतकाल में भी यात्रा शुरू करने का निर्णय लिया है. इन दिनों गंगा अपने शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा, यमुना खरसाली, केदारनाथ ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर और बदरीनाथ पांडुकेश्वर में विराजमान हैं. अब श्रद्धालु शीतकाल में भी गंगा, यमुना, बदरीनाथ और केदारनाथ के दर्शन कर सकेंगे. माना जा रहा है कि यात्रा से बीते वर्ष जून में आई आपदा से त्रस्त उत्तराखंड की आर्थिकी को भी गति मिलेगी.

शीतकालीन यात्रा के शुभारंभ के मौके पर मुखबा में यात्री नजर नहीं आए. मुखबा के गंगा मंदिर परिसर में स्थानीय लोगों की ही भीड़ थी. इनमें अधिकांश लोग पर्यटन व यात्रा व्यवसाय से ही जुड़े थे. जबकि बीते दिनों से उम्मीद की जा रही थी कि यात्रियों के कुछ दल इस मौके पर मुखबा पहुंचेंगे.

रविवार सुबह मुखबा गांव में गंगा मंदिर परिसर में तीर्थ पुरोहितों ने गंगा की भोगमूर्ति का जलाभिषेक कर श्रृंगार किया. करीब साढ़े ग्यारह बजे बारह बटालियन ग्रेनेडियर के बैंड की धुन के साथ गंगोत्री के विधायक विजयपाल सजवाण ने शीतकालीन यात्रा का शुभारंभ किया. उन्होंने कहा कि सरकार ने शीतकालीन यात्रा की पूरी तैयारियां की हैं. उन्होंने कहा कि इससे आपदा के बाद उपजी हताशा भी दूर होगी. उन्होंने कहा कि यह प्रयास आने वाले दिनों में रंग लाएगा.

इसके बाद में उन्होंने उत्तरकाशी के जिलाधिकारी सी.रविशंकर के साथ यात्रा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की बैठक ली. बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शीतकाल के दौरान यात्रा के लिए बनी कार्ययोजना पर प्राथमिकता से अमल किया जाए. बैठक में लोनिवि को हर्षिल से मुखबा मोटर मार्ग को दुरुस्त करने को कहा गया. इस अवसर पर गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष भागेश्वर सेमवाल, सचिव सुरेश सेमवाल, रजनीकांत सेमवाल, दीपक सेमवाल और संजीव सेमवाल समेत कई तीर्थ पुरोहित मौजूद रहे.