केदारनाथ में स्कीइंग की संभावनाओं की तलाश

रुद्रप्रयाग

केदारनाथ में जल्द ही यात्री सालभर नजर आएंगे. छह माह तीर्थाटन के बाद शेष छह माह के दौरान पर्यटन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं. इसके तहत केदारनाथ की बर्फीली ढलानों पर साहसिक खेल गतिविधियां शुरू करने पर विचार किया जा रहा है. साहसिक खेलों की ट्रेनिंग के लिए प्रसिद्ध उत्तरकाशी स्थित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) ने इस दिशा में काम शुरू कर कार्ययोजना तैयार की है. निम के विशेषज्ञ आमोद पंवार ने बताया कि केदारनाथ में पर्यटकों के लिए आइस क्राफ्ट व स्कीइंग पर्याप्त संभावनाएं हैं.

दरअसल, भगवान केदारनाथ के कपाट बंद होने के बाद शीतकाल में यहां सन्नाटा पसर जाता है. समुद्र तल से 11 हजार फीट की ऊंचाई पर मानवीय गतिविधियां पूरी तरह सिमट जाती हैं. लेकिन नई योजना के तहत अब यहां परिस्थितियां बदली हुई होंगी. साहसिक पर्यटन के शौकीनों को आकर्षित करने के लिए नेहरू पर्वतारोहण संस्थान संभावनाएं टटोल रहा है.

संस्थान के विशेषज्ञ आमोद पंवार के अनुसार केदारनाथ क्षेत्र में बर्फबारी का अध्ययन किया जा रहा है. आमतौर पर यहां दिसंबर से मई के अंतिम सप्ताह तक भारी बर्फबारी होती है. पहाड़ की ढलानों पर आठ से दस फीट बर्फ जमा हो जाती है. ऐसे में स्कीइंग के लिए यहां बेहतरीन परिस्थितियां हैं. उन्होंने बताया कि केदारनाथ बेस कैंप से लिनचोली और लिनचोली से रामबाड़ा क्षेत्र में संभावनाएं तलाशी जा रही हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही सैलानी रोमांचक खेलों का लुत्फ उठा सकेंगे.
रुद्रप्रयाग के प्रभारी जिलाधिकारी राहुल गोयल ने बताया कि प्रशासन और पर्यटन विभाग की बैठक बुलाई गई है. इसमें पर्यटन विभाग से प्रस्ताव मांगा जाएगा.